धर्म क्या , अधर्म क्या ,जाती समाजवाद क्या
विवाद रस का पान कर, हर वाद पर विवाद हो
कोटि कोटि पग यहाँ, करोड़ राहो पर चले
मंजिलो को भूलकर , हर राह पर विवाद हो
बिजली ,सड़क और नौकरी ,प्रश्न है बड़े बड़े
उत्तर महत्वहीन है, पर प्रश्न पर विवाद हो
सर्वोच्च लोकतंत्र मे , विवाद ही अधिकार है
फूँक दो कर्त्तव्य को, अधिकार पर विवाद हो
राम और रहीम दोनों , एक पक्ष में खड़े
फिर भी क्यों न हम लड़े, हर पक्ष पर विवाद हो
ANSH
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